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Stay Warm in Autumn: Roasted Pumpkin Soup
- बशीर बद्रउजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
- फै़ज़ अहमद फै़ज़कुछ इश्क़ किया कुछ काम कियावो लोग बहुत ख़ुश-क़िस्मत थेजो इश्क़ को काम समझते थेया काम से आशिक़ी करते थेहम जीते-जी मसरूफ़ रहेकुछ इश्क़ किया कुछ काम कियाकाम इश्क़ के आड़े आताContinue reading “फै़ज़ अहमद फै़ज़”
- बशीर बद्रशोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा हैजिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती है।